Ashesh 2025: एशेज 2025 का आगाज होने में अभी करीब 6 हफ्ते बाकी हैं, लेकिन इंग्लैंड के कई पूर्व और वर्तमान खिलाड़ी सीरीज से पहले ही बयानबाजी में जुट गए हैं। हाल ही में जैक क्रॉली ने कहा था कि बैजबॉल (Bazball) शब्द ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को परेशान करता है, वहीं जो रूट ने इस बार ऑस्ट्रेलिया में जीत हासिल करने का उनका सबसे अच्छा मौका बताया था। पूर्व इंग्लिश कप्तान माइकल एथरटन ने तो यहां तक कहा कि कप्तान पैट कमिंस की चोट और स्कॉट बोलैंड की लय खोने से ऑस्ट्रेलिया घबराई हुई लग रही है। लेकिन इन सबके बीच सबसे ज्यादा सुर्खियां स्टुअर्ट ब्रॉड के बयान ने बटोरी हैं। ब्रॉड ने दावा किया है कि इस बार ऑस्ट्रेलिया की टीम पिछले 15 सालों में सबसे कमजोर है जो किसी एशेज सीरीज के लिए मैदान में उतरेगी।

ऑस्ट्रेलिया की टीम सबसे कमजोर
BBC के पॉडकास्ट फॉर द लव ऑफ क्रिकेट पर बतौर स्पेशलिस्ट स्टुअर्ट ब्रॉड ने कहा कि यह शायद 2010 के बाद की सबसे कमजोर ऑस्ट्रेलियाई टीम है, जब इंग्लैंड ने आखिरी बार एशेज जीती थी। और मौजूदा इंग्लैंड टीम 2010 के बाद की सबसे मजबूत है। ये राय नहीं, बल्कि तथ्य हैं। इसलिए यह एशेज सीरीज बेहद रोमांचक होने वाली है। ब्रॉड का यह बयान उस वक्त आया जब ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर ने कहा था कि उनकी टीम 4-0 से एशेज जीतेगी, क्योंकि हम एशेज के लिए खेल रहे हैं, जबकि इंग्लैंड नैतिक जीत के लिए।
ऑस्ट्रेलिया के बैटिंग ऑर्डर पर सवाल
ब्रॉड ने ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी क्रम और गेंदबाजी गहराई पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2010 के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है कि लोग चर्चा कर रहे हैं कि ऑस्ट्रेलिया के लिए कौन नंबर 1, 2, 3, 6 या 8 पर खेलेगा और कौन अतिरिक्त गेंदबाज होगा। आप हमेशा यही सोचते हैं कि ऑस्ट्रेलियाई टीम वाकई बहुत मजबूत है। उनके पास वही गेंदबाज हैं, वही टीम है। उन्होंने आगे कहा कि 2010 में जब वे ग्लेन मैकग्रा, शेन वॉर्न, मैथ्यू हेडन और जस्टिन लैंगर जैसे खिलाड़ियों की जगह खोज रहे थे, तब भी ऐसी ही स्थिति थी। उनके पास कोई स्पिनर नहीं था। वे लगातार तेज गेंदबाज बदलते रहे और बल्लेबाजी क्रम भी अनिश्चित था। इसलिए कोई यह नहीं कह सकता कि यह उनकी सबसे कमजोर टीम नहीं है।
